Monday, August 31, 2009

सावन में होली



आओ खेले होली सखिया संग

आओ खेले होली

प्यार का रंग पिचकारी मारे

गालो पे गुलाल सवारे

मल मल रंग लगाओ सखिया संग

आओ खेले होली..

देखो देखो बदरवा आया

होली का संदेश वो लाया

झम झमा झम लगा बरसने

किसान भी लगे फरकने

उठ चले बैलो को संग लगा के

विश्वास का नया रंग लगा के

धरती भी लगी बहकने

चिडियों के संग लगी चहकने

आओ खेले होली सखिया संग

आओ खेले होली

घर किसान भी होली खेले

बच्चे भी बरजोरी खेले

अम्मा भी हरसाए सखिया संग

आओ खेले होली सखिया संग

आओ खेले होली

किसान खेले खेतो में होली

बच्चो की बगिया में टोली

अम्मा घर आँगन सवारे

सखिया पहने हरी चोली

की आओ खेले होली

रंग का कोई काम नही हैं

प्यार का कोई नाम नही हैं

प्यार को भर भर उछालो सखिया संग

आओ खेले होली

No comments:

Post a Comment