1.
तेरी आंखें नशे का पैमाना हैं
जिस्मे डूबा ये सारा ज़माना हैं
कोइ मुझे इन आंखों का रास्ता बता दो
आज मुझे भी उन्मे डूब जाना हैं
जाने क्या बात है दिल मे
जो ज़ुबा पर आ नही पाती
जज़्बात जो हैं मेरे दिल में
उन्हे लफ़्ज़ो की राह मिल नहि पाती
ये सच है कभी मैं भी ज़िन्दा था
ज़िन्दा मैं आज भी हूं पर मुझ्मे जान नहि
जीता हूं,सांस लेता हूं आज भी
पर तुम बिन मेरी कोइ पह्चान नही
एक आरमान है मेरे दिल में
जिसे में अपने दिल में दबाये बैठा हूं
जुदा हुए ज़माने बीत गयें
तुम्हरी याद को आज भी सीने से लगाये बैठा हूं
2.
तेरे आँखों के मेहनताने मे
आज फिर सम्मा जला पैमाने में
कितने आशिक हुए अनजाने में
तेरे आँखों के मेहनताने में
देखो सड़के भी डूबी हैं नशे में
कही लडखडाते पैर
कही गिरे हैं जान
ये सब छलके हैं मयखाने से
तेरे आँखों के मेहनताने में
आज फिर सम्मा जला पैमाने में
कितने गर्दिशो के धुल बने
कितने सहिलो के फूल बने
ये कातिल नजरे शूल बने
दिल टूटते हैं यहाँ अनजाने में
फिर नया छलका जाम मयखाने में
तेरे ही आशिकाने में
आज फिर सम्मा जला पैमाने में
३
छलका जाम आँखों से
पैमाना बन
उन्होंने जो मुड के देखा
आशियाना बन
इन आँखों से वो पिला दे
गर एक बूंद शराब का
नाचूँगा सारी उम्र
मैं दीवाना बन
वो कातिल निगाहे मुझको
इस कदर चाहती हैं
मैं रास्ते का फूल
नजराना बन
देखो किस कदर लोग
हुए हैं दीवाने
आज उनके दर पे ही
मयखाना बन
छलका जाम आँखों से
पैमाना बन
४
छलकते होठो से छू के
होठो को उन्होंने प्याला बना डाला
पास आई कुछ ऐसे वो
जिन्दगी को उन्होंने मधुशाला बना डाला
गर्म सांसो की छुअन हैं ऐसी
हर आहट की धरकन हैं ऐसी
कब तलक रोके हम भी
थिरकते बाहों को उन्होंने माला बना डाला
आँखों में मदभरी हया हैं छाई
जाम प्याले से छलक हैं आई
जाते जाते उनकी आँख भर आई
फ़िर से मेरे जिन्दगी को हाला बना डाला
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